शिमला के वीआईपी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर की सप्लाई बंद कर तार चोरी, तीन आरोपी गिरफ्तार
Three people arrested for stealing wires from a transformer
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में लोकभवन व मंत्रियों के आवास के नजदीक चोरी करने के आरोप में तीन लोग पकड़े गए हैं। इन लोगों ने चलते ट्रांसफार्मर की सप्लाई बंद कर तार चुरा लिए थे। इसके बाद वीआईपी एरिया में आधी रात को अंधेरा पड़ गया। पुलिस ने गहन पड़ताल के बाद तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, तीनों बिहार के हैं।
तारें चुराने के बाद यह जंगल के रास्ते मुख्य सड़क तक तारों को लाए और यहां से गाड़ी में डालकर फरार हो गए।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बारे में छोटा शिमला थाना में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने जांच के दौरान सभी पहलुओं पर गहनता से जांच की और शहर के विभिन्न कबाड़ की दुकानों और कबाड़ का कार्य करने वाले व्यक्तियों से पूछताछ की गई।
ऐसे पकड़ में आया शातिर चोर
एक संदिग्ध आरोपित की इस घटना में भूमिका का पता चला जो रंजीत उर्फ डैनी निवासी जिला दरभंगा (बिहार), हाल निवासी खलीनी, शिमला से संदेह के आधार पर पूछताछ की गई परंतु उक्त व्यक्ति पुलिस को झूठ बोलता रहा और गुमराह करता रहा। इसके खिलाफ पुलिस द्वारा धीरे धीरे सुबूत एकत्रित किए गए।
जांच के दौरान उक्त व्यक्ति की गाड़ी से चोरी की गई तांबे की तारें बरामद की गईं। इस ठोस साक्ष्य के बरामद होने के बाद ही आरोपी को 6 मार्च को गिरफ्तार किया गया और गहनता से पूछताछ की गई।
दो और साथियों के बारे में भी बताया
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि इस चोरी में उसके साथ दो अन्य व्यक्ति भी शामिल थे, जिनकी पहचान सोनू सहानी (उम्र 29 वर्ष) पुत्र नरेश साहनी गांव मुस्तफापुर तहसील हनुमान नगर ज़िला दरभंगा बिहार तथा अजय सहानी उर्फ लनटुन (उम्र 25 वर्ष) पुत्र उदगार साहनी गांव मुस्तफापुर तहसील हनुमान नगर ज़िला दरभंगा बिहार(हाल निवासी शिमला) के रूप में हुई। अब दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पहले की रेकी, फिर आधी रात को दिया अंजाम
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्होंने घटना को अंजाम देने से पहले संबंधित स्थान की रेकी की थी और 28 फरवरी की मध्यरात्रि को बिजली के तार काटकर चोरी की। चोरी किए गए तारों को जंगल के रास्तों से मुख्य सड़क तक लाया गया, जहां उन्होंने अपने साथी रंजीत उर्फ डैनी को बुलाकर सामान उसकी गाड़ी में रख दिया।
कैथलीघाट में किए गिरफ्तार
गिरफ्तारी से बचने के लिए सोनू और अजय फरार हो गए थे और पुलिस की लगातार दबिश के चलते अंडरग्राउड हो गए, परंतु जैसे ही इन्होंने यहां से भागने की कोशिश की तब पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को कैथलीघाट में गिरफ्तार किया।